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शाला प्रवेश उत्सव के बीच शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, 5वीं-8वीं बोर्ड के छात्रों को अब तक नहीं मिली मार्कशीट”

बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट का इंतजार, नया सत्र शुरू होने के बाद भी छात्रों को नहीं मिली 5 वी 8 वी अंकसूची

प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है, बच्चों के नामांकन बढ़ाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की एक और गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले के पांचवीं एवं आठवीं कक्षा की परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों की अंकसूची (मार्कशीट) उपलब्ध नहीं हो सकी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए काफी समय बीत चुका है, इसके बावजूद विद्यार्थियों के हाथों तक अंकसूची नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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जानकारों के अनुसार बोर्ड परीक्षा की अंकसूची विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। जिन बच्चों को अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेना है या भविष्य में किसी शैक्षणिक प्रक्रिया के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, उनके लिए यह देरी परेशानी का कारण बन सकती है। अभिभावकों का कहना है कि परिणाम जारी होने के बाद भी यदि मार्कशीट समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, तो यह विभागीय उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण है गौरतलब है कि इससे पहले भी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही है। बताया जाता है कि कई जिलों में पांचवीं एवं आठवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम निर्धारित समय-सीमा 30 अप्रैल तक घोषित नहीं हो सके थे। अब परिणाम जारी होने के बाद भी अंकसूची वितरण में हो रही देरी ने विभाग की कार्यक्षमता पर फिर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। एक ओर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, ड्रॉपआउट रोकने और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट तक समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। आखिर इस देरी के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या शिक्षा विभाग के पास इसका कोई स्पष्ट जवाब है?

अभिभावकों और विद्यार्थियों का कहना है कि यदि बोर्ड परीक्षा की अंकसूची वितरण में ही इतनी लापरवाही बरती जाएगी तो शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रहेगा। बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जा सकती।अब सवाल यह है कि शाला प्रवेश उत्सव के बीच शिक्षा विभाग कब तक विद्यार्थियों को उनकी पांचवीं और आठवीं कक्षा की अंकसूली उपलब्ध कराएगा और इस देरी के लिए कौन है जिम्मेदार  विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मांग की है कि पांचवीं एवं आठवीं बोर्ड परीक्षा की लंबित मार्कशीटों का तत्काल वितरण किया जाए तथा देरी के कारणों को सार्वजनिक कर जिम्मेदारी की जवाबदेही तय की जाए।

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